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मधुमेह पुरे शरीर पे प्रभाव करता है, इसलिए हर मौसम में शरीर की अच्छी तरह से देखभाल करना बहुत ही जरूरी है, हमे लगता है मधुमेह बस ब्लड शुगर लेवल ही प्रभावित करता है, लेकिन ऐसा नहीं है, मधुमेह अगर काबू में न हो तो वह शरीर की नासिकाओं, और कोशिकाओं को भी डॅमेज कर सकता है, यह सब डायबिटीज न्यूरोपैथी का भाग है, पैर में झनझनाहट, सुन्न हो जाना यह शुगर बढ़ने की वजह से भी होता है।

और मधुमेह के मरीजों का शरीर में पानी के अभावी और बाहर का वातावरण शुष्क होने के कारण से त्वचा शुष्क होकर फट जाना या छोटा सा कट आ जाना हमे मामूली लगता है लेकिन असल में वह मामूली नहीं होता, वह चोट एक मधुमेह वाले इंसान में उभरने के लिए वक़्त लेती है, और अगर खास ख्याल नहीं रखा जाये तो बहुत ही धोकादायक भी हो सकती है।
ठंड बढ़ना शुरू हो गया है ऐसे समय में पैरों का ख्याल कैसे रखे जान लेते है
१. रोज रात को सोने से पहले गुनगुने पानी में कुछ देर पैर डूब के बैठ जाये, ज्यादा गरम पानी नहीं लेना है की पैर जल जाये, और पैर को थोड़ा साफ़ करे, pedicure वाला ब्रश का उपयोग करके ऐसे वक़्त आप अपने पैरों की डेड स्किन भी निकल सकते है, जिससे उसकी एखाद परत पैर पर जमकर पैर की एड़ी फटना, फिर कुछ इन्फेक्शन होना ऐसे प्रकार नहीं होंगे, पैर को पानी से बाहर निकालने के बाद अच्छेसे सूखा ले खास करके उँगलियों के बिच की जगह गीली न छोड़े, उससे इन्फेक्शन होने की सम्भावना होती है।

२. सर्दियों में त्वचा रूखी हो जाती है, जिससे खुजली होना, एकदम शुष्क त्वचा यह सब साधारण चीज है, लेकिन खुजली की वजह से अगर त्वचा खुजला कर अगर उसके ऊपर का भाग उधेड़ दे, उससे पानी आजाये, तो इन्फेक्शन होने की सम्भावना होती है क्युकी मधुमेह में जखम भरने में समय लगता है, तो हमेशा कोई तेल या फिर आपके त्वचा को अच्छा होगा ऐसे मोस्टरायझर (moisturizer) का जरूर प्रयोग करे।


३. ज्यादा तेल, तले हुए पदार्थ न खाएं, और अपना डायट मेंटेन जरूर करें, सर्दियों में कुछ चटर पटर खाने का मन हमेशा हो जाता है, लेकिन यह रोग प्रतिकारक शक्ति को कम करके हमें कमजोर करता है यह ध्यान में रखें।
४. जूते- मोजे साफ़ रखे, और हमेशा बदलते रहे, बैक्टीरियल इन्फेक्शन से बचने के लिए जूते और मोज़े रोज बदलना जरुरी है। बाहर जाते वक़्त हमेशा जूते ही पहने, इससे पैर गरम रहने में आसानी होती हैं, आराम देने वाले जूते पहने, ज्यादा टाइट जूते जिससे पैर पर दबाव आये ऐसे जूते बिलकुल भी नहीं पहनने है।
५. नंगे पैर कभी भी कहीं जाना नहीं है।
६. नाख़ून सावधानी से कांटे।
७. अगर पैर में मोच आ जाये या कोई घाव हो जाये तो तुरंत ही डॉक्टर के पास से उसका इलाज कराके ले खुद से इलाज न करे।
८. पैरों पर छाले हो जाये तो डॉक्टर के पास जाएं, या कोई त्वचा की डॉक्टर से भी सलाह ले वे आपको दवा के साथ ही मधुमेह नियंत्रित रखने की सलाह देंगे इसका प्रयोग करें।
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